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Astrology

15 April 2024 Vaidik Panchang and Daily Horoscope

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जय माता दी
आज का वैदिक पंचांग
दिनांक – 15 अप्रैल 2024
दिन – सोमवार
विक्रम संवत् – 2081
अयन – उत्तरायण
ऋतु – वसंत
मास – चैत्र
पक्ष – शुक्ल
तिथि – सप्तमी दोपहर 12:11 तक तत्पश्चात अष्टमी
नक्षत्र – पुनर्वसु रात्रि 03:05 अप्रैल 16 तक तत्पश्चात पुष्य
योग- सुकर्मा रात्रि 11:09 तक तत्पश्चात धृति
राहु काल – सुबह 07:55 से 09:30 तक
सूर्योदय – 06:21
सूर्यास्त – 06:56
दिशा शूल – पूर्व दिशा में
ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 04:50 से 05:36 तक
अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12:13 से दोपहर 01:04 तक
निशिता मुहूर्त- रात्रि 00:15 अप्रैल 16 से रात्रि 01:01 अप्रैल 16 तक
व्रत पर्व विवरण- चैत्री नवरात्रि की सप्तमी तिथि के दिन देवी पार्वती की कालरात्रि स्वरूप की पूजा की जाती है। यदि नवरात्रि में 9 दिन व्रत उपवास न रख सके तो सप्तमी अष्टमी व नवमी तिथि को उपवास अवश्य करें।
विशेष – सप्तमी को ताड़ का फल खाने से रोग बढ़ता है तथा शरीर का नाश होता। अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

चैत्र नवरात्रि

महाशक्ति मां दुर्गा का सातवां स्वरूप हैं कालरात्रि । नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा की जाती है । मां कालरात्रि की आराधना के समय भक्त को अपने मन को भानु चक्र ( ललाट अर्थात सिर के मध्य ) पर स्थित करना चाहिए । इस आराधना के फलस्वरूप भानु चक्र की शक्तियां जागृत होती हैं । मां कालरात्रि की भक्ति से हमारे मन का हर प्रकार का भय नष्ट होता है । जीवन की हर समस्या को पल भर में हल करने की शक्ति प्राप्त होती है । शत्रुओं का नाश करने वाली मां कालरात्रि अपने भक्तों को हर परिस्थिति में विजय दिलाती हैं ।
सप्तमी की तिथि में मां कालरात्रि की पूजा की जाती है. नवरात्रि में सप्तमी की तिथि को विशेष माना गया है. मां कालरात्रि ने असुरों को वध करने के लिए यह रुप लिया था. मान्यता है कि सप्तमी की तिथि पर विधि विधान से पूजा करने से मां प्रसन्न होती हैं और अपने भक्तों को आर्शीवाद प्रदान करती हैं।
मां कालरात्रि की पूजा का महत्व-:
मां कालरात्रि की पूजा से अज्ञात भय, शत्रु भय और मानसिक तनाव नष्ट होता है. मां कालरात्रि की पूजा नकारात्मक ऊर्जा को भी नष्ट करती है. मां कालरात्रि को बेहद शक्तिशाली देवी का दर्जा प्राप्त है. इन्हें शुभकंरी माता के नाम से भी बुलाते हैं. मां कालरात्रि की पूजा रात्रि में भी की जाती है।
मां कालरात्रि का स्वरूप-:
मां कालरात्रि का स्वरूप देखने में बहुत ही भंयकर है, लेकिन मां कालरात्रि का हृदय बहुत ही कोमल और विशाल है. मां कालरात्रि की नाक से आग की भयंकर लपटें निकलती हैं. मां कालरात्रि की सवारी गर्धव यानि गधा है. मां कालरात्रि का दायां हाथ हमेशा उपर की ओर उठा रहता है, इसका अर्थ मां सभी को आशीर्वाद दे रही हैं. मां कालरात्रि के निचले दाहिने हाथ की मुद्रा भक्तों के भय को दूर करने वाली है. उनके बाएं हाथ में लोहे का कांटेदार अस्त्र है. निचले बाएं हाथ में कटार है।
मां कालरात्रि की कथा-:
रक्तबीज का किया था वध
पौराणिक कथा के मुताबिक दैत्य शुंभ-निशुंभ और रक्तबीज ने तीनों लोकों में अपना आंतक मचाना शुरू कर दिया तो देवतागण परेशान हो गए और भगवान शंकर के पास पहुंचे. तब भगवान शंकर ने देवी पार्वती से राक्षसों का वध कर अपने भक्तों की रक्षा करने के लिए कहा. भगवान शंकर का आदेश प्राप्त करने के बाद पार्वती जी ने दुर्गा का रूप धारण किया और शुंभ-निशुंभ का वध किया. लेकिन जैसे ही मां दुर्गा ने रक्तबीज को मारा उसके शरीर से निकले रक्त की बूंदों से लाखों रक्तबीज उत्पन्न हो गए. तब मां दुर्गा ने मां कालरात्रि के रूप में अवतार लिया. मां कालरात्रि ने इसके बाद रक्तबीज का वध किया और उसके शरीर से निकलने वाले रक्त को अपने मुख में भर लिया..।
पूजा विधि-:
मां कालरात्रि की पूजा आरंभ करने से पहले कुमकुम, लाल पुष्प, रोली लगाएं. माला के रूप में मां को नींबुओं की माला पहनाएं और उनके आगे तेल का दीपक जलाएं. मां को लाल फूल अर्पित करें।
मां कालरात्रि को गुड़ का व गुड से बनी हुई चीजों का भोग लगाएं लगाएं. इसके बाद मां के मन्त्रों का जाप या सप्तशती का पाठ करें. इस दिन मां की पूजा के बाद शिव और ब्रह्मा जी की पूजा की जाती है।
मां कालरात्रि का मंत्र-:
1- या देवी सर्वभूतेषु माँ कालरात्रि रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।
2- ॐ कालरात्रि देव्ये नम:

नवरात्रि की सप्तमी तिथि यानी सातवें दिन माता दुर्गा को गुड़ का भोग लगाएं । इससे हर मनोकामना पूरी हो सकती है ।

सोमवार विशेष

कार्यों में सफलता-प्राप्ति हेतु

जो व्यक्ति बार-बार प्रयत्नों के बावजूद सफलता प्राप्त न कर पा रहा हो अथवा सफलता-प्राप्ति के प्रति पूर्णतया निराश हो चुका हो, उसे प्रत्येक सोमवार को पीपल वृक्ष के नीचे सायंकाल के समय एक दीपक जला के उस वृक्ष की ५ परिक्रमा करनी चाहिए । इस प्रयोग को कुछ ही दिनों तक सम्पन्न करनेवाले को उसके कार्यों में धीरे-धीरे सफलता प्राप्त होने लगती है ।
सोमवार को बाल कटवाने से शिवभक्ति की हानि होती है ।

सोमवार को तथा दोपहर के बाद बिल्वपत्र न तोड़ें ।

बुरे व विकारी सपनों से बचाव

रात्रि को सोने से पूर्व 21 बार ‘ॐ अर्यमायै नमः’ मंत्र का जप करने से तथा तकिये पर अपनी माँ का नाम लिखने से (स्याही-पेन से नहीं, केवल उँगली से) व्यक्ति बुरे एवं विकारी सपनों से बच जाता है ।

आरती में कपूर का उपयोग क्यों ?

सनातन संस्कृति में पुरातन काल से आरती में कपूर जलाने की परम्परा है । आरती के बाद आरती के ऊपर हाथ घुमाकर अपनी आँखों पर लगाते हैं, जिससे दृष्टी -इन्द्रिय सक्रिय हो जाती है । वचनामृत में आता है : “आरती करते हैं तो कपूर जलाते हैं । कपूर वातावरण को शुद्ध करता है, पवित्र वातावरण की आभा पैदा करता है । घर में देव-दोष है, पितृ -दोष हैं, वास्तु -दोष हैं, भूत -पिशाच का दोष है या किसीको बुरे सपने आते हैं तो कपूर की ऊर्जा उन दोषों को नष्ट कर देती है ।

बोलते हैं कि संध्या होती है तो दैत्य-राक्षस हमला करते हैं इसलिए शंख , घंट बजाना चाहिए, कपूर जलाना चाहिए, आरती-पूजा करनी चाहिए अर्थात संध्या के समय और सुबह के समय वातावरण में विशिष्ट एवं विभिन्न प्रकार के जीवाणु होते हैं जो श्वासोच्छवास के द्वारा हमारे शरीर में प्रवेश करके हमारी जीवनरक्षक जीवनरक्षक कोशिकाओं से लड़ते हैं । तो देव-असुर संग्राम होता है, देव माने सात्त्विक कण और असुर माने तामसी कण । कपूर की सुगंधि से हानिकारक जीवाणु एवं विषाण रूपी राक्षस भाग जाते हैं ।

वातावरण में जो अशुद्ध आभा है इससे तामसी अथवा निगुरे लोग जरा-जरा बात में खिन्न होते हैं, पीड़ित होते हैं लेकिन कपूर और आरती का उपयोग करनेवालों के घरों में ऐसे कीटाणुओं का, ऐसो हलकी आभा का प्रभाव नहीं टिक सकता है ।

अत: घर में कभी-कभी कपूर जलाना चाहिए, गूगल का धूप करना चाहिए । कभी-कभी कपूर की १ – २ छोटी-छोटी गोली मसल के घर में छिटक देनी चाहिए । उसकी हवा से ऋणायान बनते हैं, जो हितकारी हैं । वर्तमान के माहौल में घर में दीया जलाना अथवा कपूर की कभी-कभी आरती कर लेना अच्छा है ।

जिन का आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभाशीष

दिनांक 15 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 6 होगा। आपमें गजब का आत्मविश्वास है। इसी आत्मविश्वास के कारण आप किसी भी परिस्थिति में डगमगाते नहीं है। आपको सुगंध का शौक होगा। इस अंक से प्रभावित व्यक्ति आकर्षक, विनोदी, कलाप्रेमी होते हैं। आप अपनी महत्वाकांक्षा के प्रति गंभीर होते हैं।
6 मूलांक शनि ग्रह द्वारा संचालित होता है। अत: शनि से प्रभावित बुराई भी आपमें पाई जा सकती है। जैसे स्त्री जाति के प्रति आपमें सहज झुकाव होगा। अगर आप स्त्री हैं तो पुरुषों के प्रति आपकी दिलचस्पी होगी। लेकिन आप दिल के बुरे नहीं है।
शुभ दिनांक : 6, 15, 24
शुभ अंक : 6, 15, 24, 33, 42, 51, 610, 78
शुभ वर्ष : 2022, 2026
ईष्टदेव : मां सरस्वती, महालक्ष्मी
शुभ रंग : क्रीम, सफेद, लाल, बैंगनी
कैसा रहेगा यह वर्ष
नौकरीपेशा व्यक्ति अपने परिश्रम के बल पर उन्नति के हकदार होंगे। बैक परीक्षाओं में भी सफलता अर्जित करेंगे। दाम्पत्य जीवन में मिली जुली स्थिति रहेगी। आर्थिक मामलों में सभंलकर चलना होगा। लेखन संबंधी मामलों के लिए उत्तम होती है। जो विद्यार्थी सीए की परीक्षा देंगे उनके लिए शुभ रहेगा। व्यापार-व्यवसाय में भी सफलता रहेगी। विवाह के योग भी बनेंगे। स्त्री पक्ष का सहयोग मिलने से प्रसन्नता रहेगी।

मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आपका आज का दिन शुभ फलदायी रहेगा। आज कार्य क्षेत्र से समय निकाल कर एकांत में समय व्यतीत करना पसंद करेंगे घरेलु कार्य में फंस कर आज का दिन खराब ना हो ये शंका दिमाग में लगी रहेगी लेकिन इसमें कुछ न कुछ व्यवधान जरूर आएगा। कार्य व्यवसाय में आज थोड़े समय में ही दिन भर की पूर्ति कर लेंगे। संतोषजनक धन लाभ होगा। नौकरीपेशा लोगों के लिये दिन सामान्य ही रहेगा। मध्यान के बाद का समय आनंद मनोरंजन में व्यतीत करेंगे। घर में आज आपकी कोई बात किसी परिजन को चुभ सकती है। सेहत को लेकर कुछ समय परेशान हो सकते है।

वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आपका आज का दिन सामान्यतः शुभ ही रहेगा। परन्तु आज घरेलु खर्च अधिक रहने से आर्थिक समस्या खड़ी हो सकती है। घर में दैनिक उपभोग की वस्तुओं के साथ सुख के साधनों पर अधिक खर्च होगा। मित्र-परिजन आज आपकी दरियादिली के कायल हो जाएंगे। कार्य क्षेत्र पर आज मध्याह्न तक ज्यादा समय नहीं दे पाएंगे मध्याह्न के बाद गंभीर होकर कार्य मे जुटने से और संतोषजनक व्यवसाय होने से धन की आमद बनी रहेगी। सामाजिक कार्य से अथवा धार्मिक यात्रा के योग भी बन रहे है। आरोग्य लगभग सामान्य ही रहेगा। भूख लगने पर ही खाये अन्यथा पेट संबंधित समस्या हो सकती है।

मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आपका आज का दिन प्रेम-प्रसंगों में यादगार अनुभूति कराएगा। प्रातः काल से ही लघु यात्रा की योजना बनाएंगे। आज फिजूल खर्च भी अधिक रहने वाला है जिस पर नियंत्रण की आवश्यकता है। किसी सामाजिक कार्यक्रम के कारण कार्य व्यवसाय का दायित्व आज नौकरों अथवा सहकर्मियों के ऊपर छोड़ना पड़ेगा जिसके कारण लाभ की ज्यादा अपेक्षाएं ना रखें। परिजनों के साथ किसी सामाजिक कार्यक्रम में उपस्थित हो सकते है। कार्य स्थल के साथ पारिवारिक वातावरण भी अस्त व्यस्त रहेगा। धन लाभ सामान्य से कम रहेगा। सेहत छुटपुट बातो को छोड़ ठीक रहेगी रात्रि के बाद अत्यंत थकान बुखार आने की संभावना है।

कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आपका आज का दिन लगभग चिंता परेशानी में ही व्यतीत होने वाला है। परखतककल से दिमक़्क़ग को ठंडा रखने का प्रयास करेंगे लेकिन आसपास वातावरण क्रोध दिलाएगा। घरेलु कलह के कारण दोपहर तक बेचैनी रहेगी। आवेश में आकर आज किसी प्रियजन का दिल दुखायेंगे इसकी ग्लानि भी मन में रहेगी। परिजनों के स्वास्थ्य पर भी आज विशेष खर्च हो सकता है। कार्य क्षेत्र पर आय के साधन उपलब्ध होने के बाद भी बेमन से कार्य करने के कारण अल्प लाभ से संतोष करना पड़ेगा। मानसिक तनाव को ना बढ़ने दे अन्यथा रक्तचाप के साथ अन्य शारीरिक समस्या जन्म ले सकती है।

सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आपका आज का दिन हर प्रकार से लाभदायक रहने वाला है। विशेषकर कार्य क्षेत्र पर आज आपकी रुकी हुई योजनाओं में आकस्मिक गति आने से धन लाभ के मार्ग खुलेंगे नौकरिपेशाओ को भी अधिकारी वर्ग का सहयोग मिलेगा लेकिन कोई उलझन में डालने वाला कार्य भी मिलने से कुछ परेशानी होगी। परिवार में भी आज आपसी सौहार्द बनने से मानसिक रूप से प्रसन्न रहेंगे। पत्नी का सहयोग आज महत्त्वपूर्ण सिद्ध होगा।कार्य भर बढ़ने से पर्यटन सैर की योजना अधूरी रह सकती है। शरीर मे वात का प्रकोप रहने से जोड़ो अथवा शरीर मे दर्द अकड़न की शिकायत हो सकती है।

कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज का दिन आपके लिए राहत भरा रहेगा। किसी दिव्य अनुभूति के कारण आध्यत्म के प्रति आस्था बढ़ेगी। धार्मिक क्रियाओं में समय एवं धन का सदुपयोग करेंगे। कार्य का बोझ आज अधिक रहने के कारण धार्मिक कार्यो को ज्यादा समय नही दे पाएंगे या ध्यान इधर उधर भटकेगा। आर्थिक उलझने रहने पर भी इस पर ज्यादा ध्यान नहीं देंगे। संध्या के बाद किसी भी काम में थोड़े से प्रयास से सफलता मिल सकती है। परिजनों विशेष बुजुर्गो का सानिध्य मिलेगा। स्वास्थ्य में कुछ कमी का भी अनुभव करेंगे। आज की यात्रा कुछ ना कुछ लाभ देकर जाएगी।

तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज का दिन भी सुख शांति से व्यतीत करेंगे। आलस्य आज अधिक रह सकता है जिससे दिनचर्या दिन के आरंभ से ही धीमी रहेगी लेकिन भाग्य का साथ मिलने से कार्य-व्यवसाय से आज भी उम्मीद के अनुसार लाभ मिलेगा। सामाजिक कार्यो पर समय के साथ धन भी खर्च करेंगे छवि बेहतर बनेगी। कमीशन अथवा थोक के व्यवसाय में अधिक लाभ होगा। नौकरिपेशाओ को अतिरिक्त कार्य मिलने से परेशानी आएगी लेकिन इसका लाभ मिलने से संतोष होगा। परिजनों से आत्मीयता बनी रहेगी लेकिन पत्नी से शंकालु प्रवृति के चलते विवाद भी हो सकता है। स्वास्थ्य सामान्य बना रहेगा।

वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज के दिन आपको सेहत का विशेष ध्यान रखने की सलाह है। असंयमित दिनचर्या के कारण आज शारीरिक रूप से कमजोरी थकान अनुभव होगी अकस्मात बुखार आने की भी संभावना है। आकस्मिक यात्रा के योग दुविधा में डाल सकते है यथा संभव आज यात्रा टालें। कार्य क्षेत्र पर आज मन मारकर काम करना पड़ेगा कम समय मे अधिक लाभ कमाने के प्रलोभन में आकर आज कोई भी वर्जित कार्य ना करें धन के साथ सम्मान हानि हो सकती है। घर के सदस्यों के साथ तालमेल बनाये अन्यथा जरूरत के समय परेशानी होगी। उधारी के व्यवहार संयमित रखें।

धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज का दिन व्यापारियों के लिए लाभदायक रहेगा लेकिन इसके लिये आलस्य का त्याग करना पड़ेगा। आपके पूर्व नियोजित कार्यक्रम अधिक व्यस्तता के कारण निरस्त होंगे लेकिन आज किये नए खासकर जोखिम के कार्यो से अधिक लाभ की संभावना है। आज परिवार के ऊपर बजट से ऊपर खर्च करना पड़ सकता है। सेहत आज सामान्य ही रहेगी लेकिन अनियमित दिनचार्य के कारण कमर पीठ दर्द की शिकायत रह सकती है। संध्या के बाद का समय थोड़ा मनोरंजन होने से थकान मिटेगी। गृहस्थ जीवन शांत रहेगा।

मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज का दिन आपको मिला जुला फल देने वाला रहेगा। दिन के आरंभ दे मध्याह्न तक किसी कार्य को करने के लिये जोड़ तोड़ में लगे रहेंगे आज आप पुराने कार्यो को विराम दे नए अनुबंध हाथ में लेने के प्रयास करेंगे परंतु इसमें कई व्यवधान आ सकते है प्रयासरत रहें सफलता अवश्य मिलेगी। नौकरी पेशा जातको को आज अतरिक्त कार्य करने का शुभ फल मिलेगा। आर्थिक मामलो में विलम्ब होगा लेकिन धन लाभ आवश्यकता अनुसार हो जाएगा। संध्या बाद का समय परिजनों के साथ समय शांति से व्यतीत करेंगे। सर्दी के कारण जुखाम बुखार की शिकायत हो सकती है।

कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज के दिन व्यक्तित्त्व निखरा रहने से आप जहां भी रहेंगे वहां अपनी अलग पहचान बनाएंगे। कार्य क्षेत्र से धन के साथ-साथ वर्चस्व में भी वृद्धि होगी। के दिनों से चल रहा प्रयास आज रंग लाएगा व्यापार को नई दिशा देने में सफल रहेंगे। धन लाभ आवश्यकता अनुसार हो जाएगा। आज आपकी उदारता से सहकर्मी भी प्रसन्न रहेंगे। आपमें नेतृत्व करने की प्रबल अभिलाषा रहेगी जो की शीघ्र पूर्ण होने वाली है। परिजनों की जरूरतों को पूर्ण करने से घर में प्रेम का वातावरण रहेगा। बुजुर्गो के साथ भावनात्मक सम्बन्ध बनेंगे। स्यास्थ्य को लेकर मध्याह्न बाद थोड़े आशंकित रहेंगे मौसम का प्रभकव शरीर पर देखने को मिलेगा।

मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आपको आज का दिन विवेकी व्यवहार से बिताने की सलाह है। आपके ऊपर कई लोगो की नजर रहेगी लोग आज आपकी छोटी-छोटी गलतियां तलाशेंगे। आज सुनेंगे सबकी लेकिन ना तो खुद कुछ करेंगे ना किसी और को ही करने देंगे मौज-शौक की प्रवृत्ति परेशानी में डाल सकती है। मन में आध्यात्मिक विचार भी रहेंगे परन्तु इनका पालन नहीं कर पाएंगे। कार्य क्षेत्र पर दिन सामान्य ही व्यतीत होगा। धन सम्बंधित कार्य देरी से बनेंगे आवश्यकता के समय औरो का मुंह ताकेंगे। मनमाना व्यवहार करने से बचें। सेहत भी बीच बीच मे नरम होने की संभावना है।

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14 April 2024 Vaidik Panchang and Horoscope

 

Kapoor for Puja (Prayers)

 

 

 

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